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3 अगस्त 1991 आज की ही तरह बनारस में हल्की हल्की बारिश हो रही थी वाराणसी के लहुराबीर आवास के गेट पर यूपी कोंग्रेस के बड़े नेता अवधेश राय अपनी गाड़ी के पास खड़े थे कहीं जाना था उन्हें,तभी वहां एक मारुति वैन रुकती है उसमें से कुछ लोग निकलते हैं और अवधेश राय पर गोलियों की बौछार कर देते हैं पूरा इलाका थर्रा उठता है इनके भाई जो कि पूर्व में कांग्रेस विधायक और मंत्री रह चुके हैं अजय राय गोलियों की आवाज सुनकर घर से बाहर आते हैं जब तक कुछ समझते तब तक हमलावर मारुति वैन में बैठकर फरार हो जाते हैं उनका पीछा भी करते हैं लेकिन इनकी पहुंच से

दूर निकल गए थे हत्यारे, इधर अपने भाई अवधेश राय

का शरीर गोलियों से छलनी था चारों तरफ खून ही खून

था उनको लेकर नज़दीकी हॉस्पिटल भागते हैं लेकिन डॉ

उन को मृत घोषित कर देते हैं।

अजय राय ने इस मामले में चेतगंज थाने में मुख्तार

अंसारी, पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, भीम सिंह

कमलेश सिंह और राकेश समेत अन्य के खिलाफ

मुकदमा दर्ज कराया था. ख़ुद गवाह थे ये मुक़दमा

चलता रहा चलता रहा 30सालों तक इस बीच अजय राय

विधायक बने मंत्री बने फ़िर भी इंसाफ़ नहीं दिलवा पाए या दिलवाना नहीं चाहते थे ख़ैर कोर्ट में सुनवाई होती रही

🎯15 दिसम्बर 2022 को

mp MLA कोर्ट का फ़ैसला आया था

वाराणसी में अवधेश राय हत्याकांड के अलावा राजेंद्र सिंह हत्याकांड, चंदौली में कॉन्सटेबल रघुवंश सिंह हत्याकांड, गाजीपुर में वशिष्ठ तिवारी उर्फ माला गुरु

हत्याकांड के साथ ही गाजीपुर में एडिशनल SP एवं अन्य पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था मुख्तार पर इन हत्याओं के करीब

30 साल पुराने मामले उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की जिला

अदालत ने गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी और एक

सहयोगी को गैंगस्टर एक्ट के तहत 10 साल कैद की

सजा सुनाई थी.एमपी/एमएलए कोर्ट के अतिरिक्त सत्र

न्यायाधीश दुर्गेश सिंह ने गुरुवार (15 दिसंबर) 2022

को अंसारी और उसके साथी भीम सिंह पर पर

पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

जिस समय अंसारी को सज़ा सुनाई गई वो फूट फुट

के रोने लगा था वो बांदा जेल में बंद था।

उसके बाद बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या

वाले सम्बन्धित मामले में दोनों भाइयों को सज़ा सुनाई

गई थी 10 साल 4साल अभी तो दर्ज़नो मामले थे जिनमें

सजा मिलनी बाकी थी, और आज़ इंसाफ़ हो गया ♥️

यहां इंट्रेस्टिंग बात यह रही है कि 2014 में जब नरेंद्र

मोदी जी बनारस से लोकसभा चुनाव में खड़े हुए थे तब

उनके ख़िलाफ़ अरविंद केजरीवाल ,कांग्रेस नेता अजय

राय ,और तब खुद की पार्टी से मुख्तार अंसारी के भाई

अफजल अंसारी खड़े थे लेकिन कांग्रेस नेता दिग्विजय

सिंह सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं से वार्ता के बाद

अफजल अंसारी ने अपना नाम वापस लिया था और

कांग्रेस के नेता सांसद उम्मीदवार अजय राय का समर्थन

करने की घोषणा किया था,

इस समर्थन पर अजय राय की प्रतिक्रिया थी वो जान लें ज़रा कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय ने कहा था कि अंसारी परिवार से हमारे रिश्ते कैसे हैं, जगजाहिर हैं मगर मामला न्यायालय में है। रही बात समर्थन की तो सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए जो भी समर्थन देगा, उसका स्वागत है। वैसे मैंने उनसे समर्थन मांगा नहीं था।

मतलब मोदी सांप्रदायिक थे और मुख्तार अंसारी

शांतिदूत अहिंसावादी खोड़ा लहसुन ब्ला ब्ला था?

वाह रे राजनीति, कितना दोगलापन है ? आगे सुनें

ये वही मुख्तार अंसारी हैं जिनको अजय राय अपने भाई अवधेश राय का हत्यारा कहते नहीं थकते थे लेकिन उसी मुख्तार अंसारी को कांग्रेस की पंजाब सरकार ने पूरी सुरक्षा दे रखी थी और पूरा ख्याल रखती थी, मुकदमे के पैसे भी देती थी,लेकिन कभी भी अजय राय का जमीर नहीं जागा कभी भी उन्होंने कांग्रेस सरकार के खिलाफ कोई बात नहीं किया है।

लेकिन ये वही अजय राय हैं जिन्होंने 2022 में उत्तर

प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान एक जनसभा में

कहा था कि वो नमक रखे रहिए। 7 मार्च के बाद

मोदी और योगी को जमीन में खोद के गाड़ देंगे,🔥

जिसको गाड़ना था उसका तो JHAT नहीं उखाड़ पाए?

आज़ किसने मुख्तार को मिट्टी में गाड़ दिया बताओगे?

आज़ अवधेश राय जी की आत्मा को शांति मिली होगी!

और अपने नालायक भाई को दुत्कारते बद्दुआ देते होंगें

जो सत्ता के लिए उनके हत्यारों के साथ भी बैठता था?

अजय राय से अच्छा तो सुनील दत्त था जो अपने बेटे के लिए कांग्रेस को छोड़ दिया। कोई कांग्रेसी नेता सुनील दत्त की मदद नहीं की तब जाकर बाला साहेब ठाकरे ने मदद किया क्योंकि संजय दत्त एक हिंदू था? अगर वही जिहादी होता तो कांग्रेस बराबर मदद करती। दाऊद का आज भी करती हैं 😡🔥 कांग्रेस का राजनीतिक सफर कत्लेआम, ब्लात्कार, दंगा फसाद, द्वेष वैमनस्य से शुरू होकर सत्ता सिंहासन पर जाकर खतम होती है। जिस वृक्ष का बीजारोपण ही जहरीली जमीन पर हुआ हो उसका जड़ से लेकर फुन्गी तक जहरीला ही होगा। और उस वृक्ष के इर्द-गिर्द का वातावरण कैसा होगा आप अनुमान लगा सकते हैं कांग्रेस ने देश का विभाजन भी कराया और विभाजन के जिम्मेदार लोगों को पाकिस्तान भी नही जाने दिया था, वही आज देश के लिये नासूर बन रहे हैं इस बात को कभी मत भूलें🙏🏻🙏🏻Plz follow me thanks 🙏🏻🙏🏻🙏🏻

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